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सार्थशिवताण्डवस्तोत्रम् Sartha shivatandav astotram पढ़ने होगा ये लाभ

Sarthashivatandavastotram || जटा-कटा-हसं-भ्रम भ्रमन्नि-लिम्प-निर्झरी- -विलोलवी-चिवल्लरी-विराजमान-मूर्धनि . धगद्धगद्धग-ज्ज्वल-ल्ललाट-पट्ट-पावके किशोरचन्द्रशेखरे रतिः प्रतिक्षणं मम .. २.. जिन शिव जी की सघन जटारूप वन से प्रवाहित हो गंगा जी की धारायं उनके कंठ को प्रक्षालित क होती हैं, जिनके गले में बडे एवं लम्बे सर्पों की मालाएं लटक रहीं हैं, तथा जो शिव जी डम-डम डमरू बजा कर प्रचण्ड ताण्डव करते हैं, वे शिवजी हमारा कल्यान करें जिन शिव जी के जटाओं में अतिवेग से विलास पुर्वक भ्रमण कर रही देवी गंगा की लहरे उनके शिश पर लहरा रहीं हैं, जिनके मस्तक पर अग्नि की प्रचण्ड ज्वालायें धधक-धधक करके प्रज्वलित हो रहीं हैं, उन बाल चंद्रमा से विभूषित शिवजी में मेरा अंनुराग प्रतिक्षण बढता रहे। धरा-धरेन्द्र-नंदिनी विलास-बन्धु-बन्धुर स्फुर-द्दिगन्त-सन्तति प्रमोद-मान-मानसे . कृपा-कटाक्ष-धोरणी-निरुद्ध-दुर्धरापदि क्वचि-द्दिगम्बरे-मनो विनोदमेतु वस्तुनि .. ३.. जटा-भुजङ्ग-पिङ्गल-स्फुरत्फणा-मणि प्रभा कदम्ब-कुङ्कुम-द्रव प्रलिप्त-दिग्व-धूमुखे मदान्ध-सिन्धुर-स्फुरत्त्व-गुत्तरी-यमे-दुरे मनो विनोदमद्भुतं-बिभर्तु-भूतभर्तरि .....

भगवान Shankar का साक्षात रूप Maharaj Dattatreya Ji

महाराज दत्तात्रेय एक हिंदू देवता हैं, जो तीन प्रमुख देवताओं ब्रह्मा, विष्णु और महेश के अवतार हैं. वे एक ऋषि, योगी और दार्शनिक भी हैं, जो ज्ञान और आध्यात्मिकता के लिए जाने जाते हैं. महाराज दत्तात्रेय को समस्त देवताओं का पिता माना जाता है, और वे सभी धर्मों और पंथों के लोगों द्वारा पूजे जाते हैं. महाराज दत्तात्रेय का जन्म एक ऋषि और एक क्षत्रिय महिला के घर में हुआ था. वे बचपन से ही बहुत बुद्धिमान और धार्मिक थे, और उन्होंने जल्द ही सभी वेद और शास्त्रों का ज्ञान प्राप्त कर लिया. वे एक महान योगी और दार्शनिक भी थे, और उन्होंने अपने ज्ञान को लोगों को आध्यात्मिक मार्गदर्शन देने के लिए इस्तेमाल किया. महाराज दत्तात्रेय ने अपने जीवन में कई चमत्कार किए हैं. उन्होंने लोगों को रोगों से मुक्त किया है, उन्हें धन और समृद्धि प्रदान की है, और उन्हें आध्यात्मिक ज्ञान दिया है. वे एक महान करुणावान और दयालु देवता थे, और वे हमेशा लोगों की मदद के लिए तैयार रहते थे. महाराज दत्तात्रेय को समस्त देवताओं का पिता माना जाता है, क्योंकि वे सभी देवताओं के ज्ञान और आध्यात्मिकता के स्रोत हैं. वे सभी धर्मों और पंथों के लोगो...

अच्युतम केशवं Krishan Damodram, राम नारायणं जानकी वल्लभं ||

अच्युतम केशवं कृष्ण दामोदरं, राम नारायणं जानकी वल्लभं || कौन कहता है भगवान आते नहीं, तुम मीरा के जैसे बुलाते नहीं | अच्युतम केशवं कृष्ण दामोदरं, राम नारायणं जानकी वल्लभं || कौन कहता है भगवान खाते नहीं, बेर शबरी के जैसे खिलते नहीं | अच्युतम केशवं कृष्ण दामोदरं, राम नारायणं जानकी वल्लभं || कौन कहता है भगवान सोते नहीं, माँ यशोदा के जैसे सुलाते नहीं | अच्युतम केशवं कृष्ण दामोदरं, राम नारायणं जानकी वल्लभं || कौन कहता है भगवान नाचते नहीं, तुम गोपी के जैसे नचाते नहीं | अच्युतम केशवं कृष्ण दामोदरं, राम नारायणं जानकी वल्लभं || कौन कहता है भगवान नचाते नहीं, गोपियों की तरह तुम नाचते नहीं | अच्युतम केशवं कृष्ण दामोदरं, राम नारायणं जानकी वल्लभं || अच्युतम केशवं कृष्ण दामोदरं, राम नारायणं जानकी वल्लभं || Achutyam Keshvam, रामनारायणं कृष्णदामोदरं वासुदेवं हरिम् !!

Achutyam Keshvam, रामनारायणं कृष्णदामोदरं वासुदेवं हरिम् !!

अच्युतं केशवं रामनारायणं कृष्णदामोदरं वासुदेवं हरिम् !! अच्युतं केशवं रामनारायणं कृष्णदामोदरं वासुदेवं हरिम्| श्रीधरं माधवं गोपिकावल्लभं जानकीनायकं रामचन्द्रं भजे||१|| अच्युतं केशवं सत्यभामाधवं माधवं श्रीधरं राधिकाराधितम्| इन्दिरामन्दिरं चेतसा सुन्दरं देवकीनन्दनं नन्दजं सन्दधे||२|| विष्णवे जिष्णवे शङ्खिने चक्रिणे रुक्मिणीरागीणे जानकीजानये| वल्लवीवल्लाभायार्चितायात्मने कंसविध्वंसिने वंशिने ते नमः ||३|| कृष्ण गोविन्द हे राम नारायण श्रीपते वासुदेवाजित श्रीनिधे| अच्युतानन्त हे माधवाधोक्षज द्वारकानायक द्रौपदीरक्षक||४|| राक्षसक्षोभितः सीतया शोभितो दण्डकारण्यभूपुण्यताकारणः | लक्ष्मणेनान्वितो वानरै: सेवितो-sगस्त्यसम्पुजितो राघवः पातु माम् ||५|| धेनुकारिष्टकानिष्टकृद्द्वेषिहा केशिहा कंसहृद्वंशिकावादकः | पूतनाकोपकः सूरजाखेलनो बालगोपालकः पातु मां सर्वदा||६|| विद्युदुद्योतवत्प्रस्फुरद्वासस¬ं प्रावृडम्भोदवत्प्रोल्लस्द्विग्¬रहम्| वन्यया मालया शोभितोर:स्थलं लोहिताङघ्रिद्वयं वारिजाक्षं भजे||७|| कुञ्चितै: कुन्तलैभ्रार्जमानाननं रत्नमौलिं लसत्कुण्डलं गण्डयो| हारकेयूरकं कङ्कणप्रोज्वलं किङ्किणीमञ्जुलं श्या...

लकवा Paralyze या पक्षाघात से कैसे निजात पायें

लकवा क्या होता है :   शरीर के एक तरफ़ा अंगो में शून्यता आना या अंगो का काम करना बंद हो जाना लकवा या पक्षाघात कहलाता है! आजकल यह रोग बड़ी तेजी से अपनी पकड़ बना रहा है! यहाँ मैं कुछ उपचार बता रहा हूँ  जो की बहुत ही आसन है और आप घर पर ही इन उपायों को अपना कर लकवा ग्रस्त प्राणी की मदद कर सकते हैं! लकवा उपचार हेतू कुछ टिप्स : 1. प्याज़ खाने से लकवे में फायदा होता है! २. करेले की सब्जी खाने और उसका रस पिने से भी लकवे में आराम मिलता है ! ३. लहसुन और मक्खन को साथ में खाने से लकवा ठीक होने लगता है ! ४. उड़द  और सोंठ को मिलकर हलकी आंच पर पकाकर देने से लकवा ठीक होने लगता है !  इनमें से कोई भी एक उपचार करने से लकवा ठीक होने लगता है पर समय थोडा अधिक लगता है आप पूर्ण विश्वाश के साथ करैं तभी फायदा होगा !  

Sawarg और Narak नहीं इस व्रत से मिलता है विष्णु लोक

उत्त्पन्ना एकाद्शी यह एकादशी मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी के दिन मनाई जाती है। इस दिन व्रत करने पर जीवन में सुख शांति मिलती है। मृत्यु के बाद विष्णु लोक में वास प्राप्त होता है। इस दिन परोपकारिणी देवी का जन्म हुआ है जो की प्रभु के दिव्या शरीर से उत्पन्न हुई हैं इसलिए इस दिन व्रत करके भगवद् भजन करके हरी का नाम जपते और कीर्तनादि करने का महत्व है। व्रत की कथा सतयुग में मुरु नामक दैत्य ने देवताओं पर विजय प्राप्त कर इंद्र का सिंहासन से पदस्थ कर दिया। देवता लोग दुःखी होकर भगवान शिव की शरण में पहुंचे। शिवजी ने विष्णु जी सहायता करने को कहा। विष्णु जी ने सारे दानवों का संहार कर दिया लेकिन मुर दैत्य नहीं मरा। उसे वरदान था इसलिए वह अजेय था। युद्ध के बाद विष्णु जी बद्रीनाथ में आराम करने लगे। मुर ने भी पीछा न छोड़ा। मुर ने वहां जाकर विष्णु जी को मारना चाहा। तभी विष्णु जी के शरीर से एक कन्या का जन्म हुआ और उसने मुर का अंत कर दिया। यह भी पढ़ें:  जानिए क्या हैं Mata Kamakhya Devi मंदिर का महत्व और कुछ खास बातें.  उस कन्या से विष्णु जी ने कहा, 'तुम मेरे शरीर से उत्पन्न हुई हो, मैं तुम्हें वरदान देता...

प्‍याज है Damage Hair का इलाज

बालों की समस्‍या से रोज ही कोई न कोई परेशान रहता है। किसी को रूसी की समस्‍या तो किसी के सिर के बीच में से बाल गायब हो रहे हैं। प्राकृतिक इलाज जैसे, अंडा, शहद, बेकिंग सोडा या प्‍याज का प्रयोग करें। बालों की समस्‍या को दूर करने के लिये आप प्‍याज के रस या पेस्‍ट का प्रयोग कर सकते हैं। प्‍याज में उच्‍च मात्रा में सल्‍फर होता है जो रूसी और बालों का झड़ना रोक सकता है। आइये और जानते हैं प्‍याज का उपयोग हमारे बालों के लिये- बालों का हर इलाज है प्‍याज 1. बालों को झड़ना रोके-  प्‍याज में सल्‍फर पाया जाता है। सल्‍फर ब्‍लड सर्कुलेशन बढाता है और बलों को मजबूत बनाता है । अपने बालों पर प्‍याज का पेस्‍ट लगाएं। या फिर अपने सिर की 30 मिनट नारियल तेल से मालिश करें और बाद में प्‍याज के रस को सिर पर लगा लें!  बाल झड़ते हैं तो प्‍याज का रस लगाइये 2. बालों का विकास-  प्याज का रस सिर पर लगाइये और मालिश कीजिये। इससे क्त परिसंचरण होगा जिससे बालों का विकास होगा। प्‍याज का रस और नारियल तेल को एक साथ मिलाएं और खोपड़ी की मालिश करें। इसे 40 मिनट के लिये छोड़े और हल्‍के शैंपू से सिर धो लें। 3. सिर का इं...