व्रत करते समय ध्यान रखने योग्य बातें १. व्रतको सोच-समझकर अंगीकार करना आवश्यक है २. व्रतका यथार्थ पालन आवश्यक है ३. आरंभ किया व्रत पूर्ण करना आवश्यक है ३.१ स्नानसंबंधी नियम ३.२ वस्त्र एवं अलंकार धारण करनेसंबंधी नियम ३.३ आचमनसंबंधी नियम ३.४ देवतापूजनसंबंधी नियम ३.५ आहारसंबंधी नियम ४. व्रतीके लिए वर्ज्य बातें ५. व्रतकालमें व्रतीद्वारा अपेक्षित गुणोंका पोषण ६. व्रतीके लिए व्रतकालमें एक अन्य महत्त्वपूर्ण आचरण है, अन्नदान १. व्रतको सोच-समझकर अंगीकार करना आवश्यक है कोई भी व्रत अत्यंत सावधानीसे अपनाया जाना चाहिए । व्रतके संदर्भमें मनमानी उचित नहीं । व्रतको अंगीकार करनेसे पूर्व घरके ज्येष्ठ व्यक्तियोंसे मार्गदर्शन लेकर उसकी संपूर्ण जानकारी प्राप्त करनेके उपरांत उसके लिए यथोचित प्रबंध करना चाहिए । व्रतके अंतर्गत बताए कर्म, अपने आर्थिक एवं शारीरिक सामर्थ्य तथा समयकी उपलब्धताके अनुसार कीजिए । २. व्रतका यथार्थ पालन आवश्यक है व्रतोंका पालन यथार्थ शास्त्रमें बताए अनुसार ही होना चाहिए । व्रतके नियम कठिन होते हैं; परंतु उनका पालन करना अनिवार्य होता है । मनमें ऐसे विचार लाना उचित नहीं कि उसके लिए कष्ट झ...