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Nirjala Ekadashi कब है, कथा, नियम व व्रत के लाभ

निर्जला एकादशी कथा, व्रत और नियम निर्जला एकादशी का व्रत हिन्दू धर्म में सबसे कठिन माना गया है, क्योंकि इसमें जल पीने का भी परहेज करना पड़ता है। निर्जला एकादशी व्रत कथा : निर्जला एकादशी व्रत ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादश तिथि को रखा जाने वाला अत्यंत शुभ और कठिन व्रत है। यह भगवान विष्णु को समर्पित है और उनके भक्त सूर्योदय से सूर्योदय तक 24 घंटे जल और भोजन से दूर रहते हैं। मान्यता है कि इस व्रत को करने से साल की सभी 24 या 26 एकादशियों का लाभ मिलता है। इस व्रत के पीछे की कहानी पांडवों के दूसरे भाई भीम से जुड़ी है, जो खाने के बहुत शौकीन थे और भूख सहन नहीं कर सकते थे। वह एकादशी का व्रत करना चाहता था लेकिन बिना भोजन के वह ऐसा नहीं कर सकता था। उन्होंने अपने दादा ऋषि व्यास से इसका समाधान पूछा। व्यास ने उन्हें निर्जला एकादशी व्रत के बारे में बताया और कहा कि यदि वह वर्ष में एक बार पूरी श्रद्धा से इस व्रत का पालन कर सकते हैं, तो उन्हें सभी एकादशियों के समान फल प्राप्त होगा। भीम ने व्यास की सलाह मानने पर सहमति व्यक्त की और ज्येष्ठ माह में निर्जला एकादशी व्रत रखने का फैसला किया। उन्होंने पूरी र...