किसी भी कार्य का प्रारंभ करने के लिए शुभ लग्न और मुहूर्त को देखा जाता है। जानिए वह कौन-सा वार, तिथि, माह, वर्ष लग्न, मुहूर्त आदि शुभ है जिसमें मंगल कार्यों की शुरुआत की जाती है। श्रेष्ठ दिन दिन और रात में दिन श्रेष्ठ है। वैदिक नियम अनुसार हर तरह का मंगल कार्य दिन में ही किया जाना चाहिए। अंतिम संस्कार और उसके बाद के क्रियाकर्म भी दिन में ही किए जाते हैं। श्रेष्ठ मुहूर्त दिन-रात के 30 मुहूर्तों में ब्रह्म मुहूर्त ही श्रेष्ठ होता है। पुराने समय में जब बिजली नहीं होती थी तो लोग जल्दी सो जाते थे और ब्रह्म मुहूर्त में उठकर कार्य करने लगते थे। जबसे बिजली का अविष्कार हुआ तब से व्यक्ति की दिनचर्या ही बदल गई। ब्रह्म मुहूर्त में उठने के कई लाभ शास्त्रों में बताए गए हैं। मुहूर्तों के नाम एक मुहूर्त 2 घड़ी अर्थात 48 मिनट के बराबर होता है। 24 घंटे में 1440 मिनट होते हैं। मुहूर्त सुबह 6 बजे से शुरू होता है:- रुद्र, आहि, मित्र, पितॄ, वसु, वाराह, विश्वेदेवा, विधि, सतमुखी, पुरुहूत, वाहिनी, नक्तनकरा, वरुण, अर्यमा, भग,गिरीश, अजपाद, अहिर, बुध्न्य, पुष्य, अश्विनी, यम, अग्नि, विधातॄ, क्ण्ड, अदिति जीव...