पितृ अमावस्या शनिवार के दिन पड़ने के प्रभाव पितृ अमावस्या को पितृ पक्ष की समाप्ति का दिन माना जाता है। इस दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध कर्म किए जाते हैं। पितृ अमावस्या शनिवार के दिन पड़ने पर इसे शनिश्चरी अमावस्या कहा जाता है। शनिदेव को न्याय का देवता माना जाता है। इसलिए इस दिन पितृ अमावस्या पड़ने पर शनिदेव का प्रभाव भी बढ़ जाता है। शनिश्चरी अमावस्या के दिन पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और वे अपने वंशजों को आशीर्वाद प्रदान करती हैं। इस दिन पितरों के लिए किए गए श्राद्ध कर्मों का कई गुना फल मिलता है। शनिश्चरी अमावस्या पर शनिदेव की पूजा करने से शनि दोष से भी मुक्ति मिल सकती है। सूर्यग्रहण से होने वाले नुकसान सूर्यग्रहण एक खगोलीय घटना है, जिसमें चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है और सूर्य की रोशनी को आंशिक या पूरी तरह से अवरुद्ध कर देता है। सूर्यग्रहण को शुभ और अशुभ दोनों माना जाता है। सूर्यग्रहण के दौरान सूर्य की रोशनी में कुछ विषैले तत्व होते हैं, जो मानव शरीर पर हानिकारक प्रभाव डाल सकते हैं। सूर्यग्रहण के दौरान सूर्य की रोशनी से बचना चाहिए। सूर्यग्रहण के दौरान शर...