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बसंत पंचमी का त्योहार देवी सरस्वती का जन्मदिन और महत्व !

बसंत पंचमी का त्योहार : हमारे देश में  बसंत पंचमी का त्योहार  बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। बसंत पंचमी के दिन ज्ञान की अधिष्ठात्री देवी सरस्वती देवी का जन्म हुआ था इसलिए इस दिन देवी सरस्वती की पूजा-अर्चना की जाती है। पुरातन युग में इस दिन राजा सामंतो के साथ हाथी पर बैठकर नगर का भ्रमण करते हुए देवालय पहुँचते थे। वहाँ विधिपूर्वक कामदेव की पूजा की जाती थी और देवताओं पर अन्न की बालियाँ चढ़ाई जाती थीं।  बसंत पंचमी पर हमारी फसलें-गेहूँ¸चना¸जौ आदि तैयार हो जाती हैं इसलिए इसकी खुशी में हम बसंत पंचमी का त्योहार मनाते हैं। संध्या के समय बसंत का मेला लगता है जिसमें लोग परस्पर एक-दूसरे के गले से लगकर आपस में स्नेह¸मेल-जोल तथा आनंद का प्रदर्शन करते हैं। कहीं-कहीं पर बसंती रंग की पतंगें उड़ाने का कार्यक्रम बड़ा ही रोचक होता है। इस पर्व पर लोग बसंती कपड़े पहनते हैं और बसंती रंग का भोजन करते हैं तथा मिठाइयाँ बाँटते हं। ऋतुराज बसंत का बड़ा महत्व ? ऋतुराज बसंत का बड़ा महत्व है। इसकी छटा निहारकर जड़-चेतन सभी में नव-जीवन का संचार होता है सभी में अपूर्व उत्साह और आनंद की तरंगे दौड़ने लगती है। ...